*बिना अनुमति धड़ल्ले से संचालित होने लगी फैक्ट्री, नियमों की खुलेआम उड़ाई जा रही धज्जियां।
*क्या नगर पालिका और उद्योग विभाग के नियम फैक्ट्री संचालक के हैं हांसिए पर*
रहली - उद्योग विभाग और नगरीय प्रशासन आमतौर पर किसी भी फैक्ट्री के संचालन के लिए कड़े नियम अपनाता है। जो स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े होते हैं।आमतौर पर ये नियम शहरी क्षेत्र में रिहायशी इलाकों में अधिक प्रभावी होते लेकिन सागर जिले की रहली नगर पालिका के अंतर्गत आने वाली रैरा सर्टिफाइड कल्पधाम गोल्डन सिटी में प्लास्टिक पानी की टंकी निर्माण करने वाली फैक्ट्री संचालित हो रही है जो सरासर कारखाना अधिनियम 1948 के नियमों का उल्लंघन है।
गौर करने वाली बात ये है कि इस फैक्ट्री के द्वारा अब तक ना तो नगर पालिका परिषद् और ना ही उद्योग विभाग से रहवासी इलाके में फैक्ट्री संचालित करने के लिए किसी भी प्रकार की NOC नहीं ली गई।
वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रहली में किसी भी प्रकार के कारखाने जिनसे कई प्रकार के प्रदूषण फैलते हैं उनको लगाने के लिए पृथक के उद्योग विभाग द्वारा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है। और अगर इसके बावजूद भी किसी भी प्रकार की फैक्ट्री रहवासी इलाके में बिना अनुमति के संचालित होती है तो यह गैरकानूनी है और इस पर जल्द से जल्द सील कराने की कार्यवाही होनी चाहिए।
इसके अलावा जिस कॉलोनी में यह फैक्ट्री संचालित है उस कॉलोनाइजर और कॉलोनी वासी भी इसके अवैध संचालन पर कड़ी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। कॉलोनाइजर का कहना है कि फैक्ट्री के संचालन से खतरनाक कैमिकल्स और ज़हरीली गैसों का रिसाव होता है। जो कॉलोनी वासियों के स्वास्थ्य पर गहरा और खतरनाक प्रभाव डालेंगी।

