उद्योग विभाग की भूमि पर नियमों की अनदेखी, रहली में गोदाम और आवास संचालित।
रहली - केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश और प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं और सहायक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके बावजूद रहली तहसील में उद्योग विभाग की बेशकीमती भूमि पर नियमों की खुलेआम अनदेखी देखने को मिल रही है। ,जानकारी के अनुसार रहली के गांधी चौक स्थित उद्योग विभाग की भूमि, जो विशेष रूप से उद्योग संचालन के लिए आवंटित की गई थी, वहां वर्तमान में गिने-चुने उद्योग ही नियमित रूप से संचालित हैं। शेष अधिकांश प्लॉटों पर गोदाम, किराए के मकान, आवासीय भवन एवं व्यावसायिक दुकानें संचालित की जा रही हैं। कई प्लॉट केवल तार फेंसिंग के सहारे खाली पड़े हुए हैं। उल्लेखनीय है कि एक बड़े भू-भाग पर बड़े व्यापारियों द्वारा गोदाम संचालित किए जा रहे हैं, जहां सप्ताह में दो से तीन बार बड़े-बड़े ट्रक माल खाली करते देखे जाते हैं। सरिया जैसे निर्माण सामग्री की तौल भी यहीं कर ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से ग्राहकों तक भेजी जा रही है।
नगर के बीचों-बीच इतनी बड़ी जगह पर मामूली किराए में गोदाम मिलना अपने-आप में कई सवाल खड़े करता है। इस अवैध गतिविधि के कारण आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गोपाल जी हॉट बाजार के दुकानदारों और राहगीरों को ट्रक और सरिया से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के कारण आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पूरे मामले में एक ओर जहां शासन की उद्योग संबंधी योजनाओं और नियम-कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक निगरानी की कमी भी स्पष्ट नजर आती है। इस संबंध में उद्योग विभाग की महाप्रबंधक श्रीमती मंदाकिनी पांडे का कहना है कि अब संबंधित क्षेत्रों में निरंतर निरीक्षण किया जाएगा। यदि यह पाया गया कि आवंटित भूमि पर निर्धारित उद्देश्य के अनुसार उद्योग संचालित नहीं हो रहे हैं, तो संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

